E-mail subscription

Enter your email address:

Nikola Tesla biography in hindi निकोला टेसला जीवनी हिंदी में

अगर आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में पढ़ना चाहते है तो यहाँ क्लिक करे 

                               

                NIKOLA tesla  BIOGRAPHY/निकोला टेसला जीवनी हिंदी


परिचय:-

Nikola Tesla biography in hindi
Nikola Tesla biography in hindi
             क्या आप वास्तव में सोचते हैं कि मुझे निकोला टेस्ला का परिचय लिखना चाहिए? इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो निकोला टेस्ला के बारे में नहीं जानता हो, बिजली जिसके बिना आप एक मिनट भी नहीं रह सकते और कई और चीज़े जिसका आप दैनिक जीवन में उपयोग करते हो उनमे से बहुत कुछ इन्ही की देन है
वे एक महान वैज्ञानिक थे उन्होंने अपने आविष्कारों से दुनिया को चकित कर दिया आज उनके जीवन पर बहुत सारी किताबे लिखी जा चुकी हैं और बहुत से लोग ऐसे हैं  जो  उनसे प्रेरित होकर दुनिया में  और समाज में  बहुत कुछ अच्छा कर रहे हैं  उन्होंने हमें अपने आविष्कारों से हमें हैरान चकित कर दिया है उनके प्रसिद्ध अविष्कारों में से एक  A.C current (प्रत्यावर्ती धारा) है उन्होंने वायरलेस ऊर्जा पर भी कई सिद्धांत दिए हैं उनके पास उनके आविष्कारों के 150 से भी ज्यादा पेटेंट अधिकार हैं और वह एक महान इंजीनियर और भौतिक वैज्ञानी हैं 

                            सामग्री



1., बचपन
2., लड़कपन
3., निकोला vs एडिसन
4., Current war
5., बुढ़ापा


निकोला टेसला का बचपन:-


                   निकोला का जन्म 10 जुलाई 1856 को स्मिलजान, क्रोएशिया में हुआ था निकोला पाँच भाई-बहनों में से एक है जिसमें डेन, एंजेलिना, मीका और मारिका शामिल हैं। निकोला की माँ अपने खाली समय में बहुत सारी नयी नयी चीज़े बनाती रहती और इन्ही सब के प्रभाव के कारण निकोला भी बड़े होकर एक इंजीनियर बने और उनकी रूचि इन सब चीज़ो में बढ़ी 

वह जन्म से एक बुद्धिमान बालक था, वह अपने तेज बुद्धि से अपने शिक्षकों को आश्चर्यचकित करता था, वह अपने मन में sin, cos, tan के सवालों को हल करता था, यह देखकर, उसके शिक्षकों को लगा कि उसने उन सभी की नकल की है।

वह किताबो से बहुत प्रेम करते थे और अपना ज्यादातर समय पुस्तकालय में ही व्यतीत करते थे उनकी रूचि विज्ञान के छेत्र  में काफी थी परन्तु उनके पिता milutin  टेस्ला एक पुजारी थे और उन्होंने बहुत जोर दिया की निकोला भी एक पुजारी बने लेकिन वह हमेशा से एक इंजीनियर बनना चाहते थे और वह इस बात पर अड़े रहे 



बचपन में एक बार वह हैजा नामक बीमारी की  चपेट में आ  गये  तब उनके पिता जी ने बोला  ठीक है अगर तुम ठीक हो जाओगे तो तुम्हे पॉलिटेक्निक कॉलेज में भेज दिया जायेगा निकोला ने प्राथमिक स्कूल पूरा किया, उसके बाद 1874 में एक मिडिल स्कूल से निकोला ने स्मिंगजान में ऑस्ट्रो हंगेरियन सेना में अपना पद छोड़ दिया और टॉमिंगज की तरह दक्षिण-पूर्व भागकर उन्होंने शिकारी की पकड़ वाले पहाड़ों का पता लगाया।



वह यह भी कहते है  कि प्रकृति के साथ उनके संपर्क ने उन्हें  शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से मजबूत बना दिया है ।

निकोला टेसला का लड़कपन: -

                                              निकोला को graz मे ऑस्ट्रिया पॉलिटेक्निक में नामांकित करवाया गया अपने पहले वर्ष के दौरान उन्होंने ने बहुत मेहनत की नहुत से लोग यह भी कहते थे की वे पुरे दिन में  सिर्फ दो घंटे ही सोते थे वास्तव में यह असंभव हैं परन्तु उन्होंने ऐसा किया क्योंकि वह अपने कार्य के प्रति बहुत समर्पित थे 
Nikola Tesla biography in hindi
Nikola Tesla biography in hindi
वह अपनी कक्षा के भाषण से कभी नहीं चूकते थे वह हमेशा अपने कक्षा में उपस्थित रहते थे और उन्होंने पूरी कक्षा में सबसे ज्यादा अंक प्राप्त कर पास हुए वह हमेशा अपने professors के साथ संघर्ष करते रहे उनके professors उनसे काफी तंग रहते थे और उनके प्रश्नों  से टेस्ला हमेशा कहते थे की कम्यूटर्स के बिना भी मोटर चल सकती है लेकिन कोई नहीं माना  परन्तु बाद में उन्होंने उसके बिना ही इंडक्शन मोटर बना कर दिखाया 
निकोला के प्रोफेसर ने उन्हें चेतावनी दी और फिर उनके अंतिम वर्ष में  उन्हें कॉलेज से निकाल दिया गया उन्होंने अपनी छात्रवृति खो दी और वे जुआ खेलने के आदि हो गए और फिर उन्हें एक बार नर्वस ब्रेकडाउन भी हो गया लेकिन उन्होंने बहुत जल्दी ही इससे उबर पाए वह अपने आखरी वर्ष के ग्रेड भी नहीं प्राप्त कर पाए और यूनिवर्सिटी से स्नातक भी नहीं हो पाए फिर 1881 में एक टेलीग्राफ कंपनी में काम के लिए निकोला बुडापेस्ट चले गए।
          

निकोला vs एडिसन:-

                             1884 में निकोला संयुक्त राज्य अमेरिका में थोड़े से  कपड़ों के साथ पहुंचे और उनके पास जीवित रहने तक के  पैसे नहीं थे। उस समय एडिसन का काफी बोलबाला था पुरे यूनाइटेड स्टेट्स में उन्ही की डी.स  करंट चलती थी 
एडिसन ने अपने  आविष्कारों में सुधार के लिए निकोला टेस्ला को काम पर रखा, एडिसन ने घोषणा की कि अगर कोई भी उनके  जनरेटर में सुधार कर सकता है तो वह उसे 50000 डॉलर का इनाम देंगे  जो उस समय में  एक बहुत बड़ी राशि थी ।
टेस्ला एक महान आविष्कारक थे जिन्होंने यह काम कर दिया और उन्होंने 5०००० डॉलर की मांग की परन्तु एडिसन ने उन्हें पैसे देने से मना कर दिया जिसकी वजह से टेस्ला बहुत नाराज हो गए और फिर सदी के दो महान आविष्कारकों  के बिच में युद्ध शुरू हो गया 
और फिर टेस्ला अल्टेरनेटिंग करंट के अविष्कार में लग गए जो की एडिसन के डायरेक्ट करंट से काफी अच्छा था डायरेक्ट करंट की वोल्टेज काफी कम थी जिसकी वजह से उसे दूर तक नहीं लेकर जाया जा सकता था इसमें ऊर्जा का भी बहुत नुकसान होता था इसमें जगह जगह रिपीटर लगाने पड़ते थे जो की करंट को ताजा करता था लेकिन अल्टेरनेटिंग करंट में बहुत ऊर्जा है और उसे हजारो मील तक प्रसारित किया जा सकता है 
टेस्ला को 1885 में अपनी नई टेस्ला इलेक्ट्रिक लाइट कंपनी के लिए धन प्राप्त हुआ और वर्तमान में कई लोगो ने इनकी परियोजना में रूचि लेना सुरु कर दिया 1887 में टेस्ला ने एक इंडक्शन मोटर विकसित की जो अल्टेरनेटिंग करंट  से चालू होती है। यह उनके प्रसिद्ध आविष्कारों में से एक था और यह संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में अपने लाभ और उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन के माध्यम से बहुत तेज़ी से विस्तार किया। 

टेस्ला ने अल्टेरनेटिंग  करंट का आविष्कार किया  जो आज की ऊर्जा का स्रोत बन गया है ,  जॉर्ज वेस्टिंगहाउस ने टेस्ला के पॉलीफासे  इंडक्शन मोटर और ट्रांसफार्मर डिज़ाइन को 60000 डॉलर नकद और स्टॉक में और प्रत्येक मोटर पर उत्पादित 2.50 डॉलर प्रति एसी हॉर्सपावर की रॉयल्टी की पेशकश की।वेस्टिंगहाउस ने एक वर्ष के लिए 2000 डॉलर प्रति माह की बड़ी फीस के लिए निकोला को वेस्टिंगहाउस में सलाहकार के रूप में काम पर भी रखा।

Current war :-

Nikola Tesla biography in hindi
Nikola Tesla biography in hindi
                              लेकिन चीजें सही तरीके से नहीं चली  वेस्टिंगहाउस आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हो गया  और टेस्ला अपने रॉयल्टी अनुबंध को तोड़ देते है।

     एडीसन A.c  धारा को नीचे लाने के लिए एक अभियान शुरू करते है, वे इलेक्ट्रोक्यूशन शुरू करते है । 1890 में सबसे पहले यह कैदियों को दिया जाता है और इसके द्वारा, मौत फांसी से भी बदतर है वे जानवरों पर A.C करंट लगाते हैं यह दिखाने के लिए कि A.C करंट कितना खतरनाक है।
1889 और 1890 में निकोला ने टेस्ला कॉइल और वायरलेस ट्रांसमिशन को ए.सी. के माध्यम से डिज़ाइन किया। बाद में जे.पी. मॉर्गन निकोला की परियोजना में आये और कुछ समय बाद उन्होंने अपना निवेश वापस ले लिया।
               क्योंकि मार्कोनी ने पहले से ही निकोला के विचारों का उपयोग करके रेडियो तरंग प्रौद्योगिकी का आविष्कार किया था। इससे निकोला वास्तव में बहुत परेशान हो गए और वे उच्च रक्तचाप में हैं क्योंकि उन्होंने अपना सारा समय और पैसा इस काम में लगा दिया था 

बुढ़ापा:-

              
अपने अंतिम समय में, निकोला एक होटल से दूसरे होटल में जाते  और उनका व्यवहार भी पूर्ण रूप से बदल गया था। वह अपने बुढ़ापे में कुछ पागल से हो गए थे । बहुत से लोग उन्हें कहने लगे की वो अब  पागल हो चुके है 
Nikola Tesla biography in hindi
Nikola Tesla biography in hindi
1925 में वे दिवालिया हो गए  और उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वे अपने होटल के किराए का भुगतान कर सकें। अब उनके बुढ़ापे में कबूतरों के साथ प्यार होता है शाम को वह टहलने जाते हैं और कबूतरों को दाना खिलाते हैं वह अपने होटल की खिड़की पर भी कबूतरों को दाना खिलाते  है
उन्होंने  3,6,9 का सिद्धांत दिया  और  कहते  है कि इस संख्या में ब्रह्मांड का रहस्य है। अपने अंतिम समय में, वह नंबर 3 से प्यार करते है और 3 के गुणकों में  सब कुछ ऑर्डर करते  है
नर्वस ब्रेकडाउन से पीड़ित होने के बाद 7 जनवरी, 1943 को न्‍यूयॉर्क सिटी में निकोला टेस्ला का 86 साल की उम्र में निधन हो गया।
यदि आपका कोई सुझाव है इस आर्टिकल को लेकर तो निचे टिपण्णी करे 




No comments:

Post a Comment

Please do not enter spam link in comment box

INSTAGRAM FEED

@soratemplates